Dularchand Yadav Murder Case: मोकामा टाल क्षेत्र के चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई थीं. खास बात यह थी कि तीनों एफआईआर में घटना को लेकर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आए थे. घटना के बाद ये तीनों प्राथमिकी काफी चर्चा में रही थीं. अब सुप्रीम कोर्ट की ओर से अनंत सिंह को 1 दिसंबर तक सरेंडर करने का आदेश दिए जाने के बाद एक बार फिर तीनों एफआईआर चर्चा में हैं.
इस हत्याकांड में पहली एफआईआर दुलारचंद यादव के परिजनों की ओर से दर्ज कराई गई थी. दूसरी प्राथमिकी अनंत सिंह के समर्थक की ओर से दर्ज कराई गई, जबकि तीसरी एफआईआर पुलिस ने स्वत: संज्ञान लेते हुए दर्ज की थी. पुलिस ने घटना से जुड़े वायरल वीडियो और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को आधार बनाकर तीसरी प्राथमिकी दर्ज की थी. हालांकि, अब पुलिस इस पूरे मामले की जांच पूरी कर कोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है.
सूत्रों के मुताबिक, पटना पुलिस की ओर से कोर्ट में सौंपी गई जांच रिपोर्ट में अनंत सिंह और कुछ अन्य आरोपितों के खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए गए हैं. रिपोर्ट में एसडीपीओ और एसपी स्तर पर की गई जांच और पर्यवेक्षण का भी उल्लेख किया गया है. इसके साथ ही जनवरी 2026 में अनंत सिंह, मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किए जाने की जानकारी भी दी गई है.





